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अध्याय–10 रेलवे कोच ब्रेक प्रणाली (Railway Coach Brake System) : संरचना, कार्यप्रणाली, निरीक्षण एवं अनुरक्षण
इस अध्याय में
10.1 ब्रेक प्रणाली का परिचय
रेलवे में किसी रेलगाड़ी को चलाना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है उसे सुरक्षित, नियंत्रित एवं निर्धारित दूरी में रोकना। यही कार्य ब्रेक प्रणाली (Brake System) करती है।
ब्रेक प्रणाली रेलवे कोच की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रणालियों (Safety Systems) में से एक है। इसके माध्यम से चालक आवश्यकतानुसार रेलगाड़ी की गति कम करता है, उसे नियंत्रित रखता है तथा आवश्यकता पड़ने पर पूर्णतः रोकता है। यदि ब्रेक प्रणाली सही प्रकार से कार्य न करे, तो सुरक्षित रेल परिचालन की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
ब्रेक केवल आपातकाल में ट्रेन रोकने का साधन नहीं है। सामान्य परिचालन में प्रत्येक स्टेशन पर रुकना, गति नियंत्रित रखना, ढलान (Gradient) पर सुरक्षित संचालन तथा रेक को स्थिर अवस्था में रखना—इन सभी कार्यों में ब्रेक प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
अध्याय–9 Axle Box एवं Roller Bearing : संरचना, कार्यप्रणाली, निरीक्षण एवं अनुरक्षण
इस अध्याय में
9.1 Axle Box का परिचय
रेलवे कोच की रनिंग प्रणाली में Axle Box एक अत्यंत महत्वपूर्ण यांत्रिक इकाई है। यह Wheel Set तथा Bogie के बीच संपर्क स्थापित करने वाली प्रमुख संरचना है। Wheel Set द्वारा वहन किया गया सम्पूर्ण भार Axle Box के माध्यम से Bogie Frame तक पहुँचता है, जबकि ट्रैक से उत्पन्न गतिशील बल भी इसी मार्ग से आगे स्थानांतरित होते हैं।
Axle Box का मुख्य कार्य केवल Roller Bearing को धारण करना नहीं है, बल्कि Bearing को बाहरी धूल, नमी, पानी तथा अन्य प्रदूषकों से सुरक्षित रखना भी है। इसके अतिरिक्त यह Wheel Set को सही स्थिति में बनाए रखने तथा भार को संतुलित रूप से वितरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अध्याय–8 Wheel Set एवं Axle : संरचना, कार्यप्रणाली, निरीक्षण एवं अनुरक्षण
इस अध्याय में
8.1 Wheel Set का परिचय
रेलवे कोच अथवा वैगन की सम्पूर्ण रनिंग प्रणाली का आधार Wheel Set है। यही वह यांत्रिक इकाई है जिसके माध्यम से वाहन का सम्पूर्ण भार रेलपथ तक पहुँचता है तथा रेलगाड़ी को सुरक्षित गति प्राप्त होती है। किसी भी प्रकार का कोच, वैगन अथवा लोकोमोटिव अंततः अपने Wheel Set के माध्यम से ही ट्रैक पर संचालित होता है।
अध्याय–7 रेलवे कोच बोगी (Coach Bogie) : संरचना, कार्यप्रणाली एवं अनुरक्षण
इस अध्याय में
7.1 बोगी का परिचय
7.2 बोगी की आवश्यकता एवं कार्य
7.3 बोगी के प्रमुख अवयव
7.4 ICF एवं FIAT बोगी
7.5 बोगी की कार्यप्रणाली
7.6 बोगी का निरीक्षण एवं अनुरक्षण
7.7 सामान्य दोष एवं सावधानियाँ
7.1 बोगी का परिचय
रेलवे कोच अथवा वैगन का सबसे महत्वपूर्ण रनिंग भाग बोगी (Bogie) है। यही वह यांत्रिक इकाई है जिस पर सम्पूर्ण वाहन का भार संतुलित रहता है और जिसके माध्यम से कोच या वैगन रेलपथ पर सुरक्षित रूप से संचालित होता है। यदि किसी कोच की तुलना मानव शरीर से की जाए, तो बोगी उसकी चलने वाली आधार प्रणाली (Running Mechanism) के समान है।
एक आधुनिक यात्री कोच में सामान्यतः दो बोगियाँ होती हैं। प्रत्येक बोगी में दो Wheel Set, Axle Box, Suspension System, Brake Components तथा अन्य आवश्यक यांत्रिक अवयव लगे होते हैं। ये सभी मिलकर वाहन को भार वहन करने, मोड़ों पर दिशा परिवर्तन करने, ट्रैक की अनियमितताओं को सहन करने तथा सुरक्षित एवं स्थिर गति बनाए रखने में सहायता करते हैं।
अध्याय–6 LHB डिज़ाइन यात्री कोच (LHB Design Passenger Coach)
इस अध्याय में
6.1 LHB डिज़ाइन का परिचय
भारतीय रेल में उच्च गति, बेहतर सुरक्षा तथा अधिक आरामदायक यात्रा की बढ़ती आवश्यकता के परिणामस्वरूप आधुनिक LHB (Linke Hofmann Busch) डिज़ाइन के कोचों को अपनाया गया। यह डिज़ाइन मूल रूप से जर्मनी की Linke Hofmann Busch कंपनी द्वारा विकसित किया गया था, जिसे बाद में भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाया और विकसित किया गया।
LHB कोच केवल ICF कोच का उन्नत संस्करण नहीं हैं, बल्कि उनकी संपूर्ण डिज़ाइन अवधारणा (Design Philosophy) अलग है। इनका निर्माण उच्च गति पर स्थिरता, दुर्घटना के समय बेहतर सुरक्षा, कम अनुरक्षण आवश्यकता तथा यात्रियों के लिए अधिक आराम को ध्यान में रखकर किया गया है।
भारतीय रेल में प्रारम्भिक LHB कोचों का निर्माण तकनीकी सहयोग से किया गया, लेकिन वर्तमान में इनका निर्माण भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों द्वारा स्वदेशी रूप से किया जा रहा है। आज राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत (जहाँ लागू नहीं, क्योंकि वह ट्रेनसेट है), दुरंतो, हमसफर, तेजस तथा अधिकांश नई मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों में LHB कोचों का उपयोग किया जा रहा है।
LHB कोचों के बढ़ते उपयोग के साथ C&W विभाग की भूमिका भी अधिक तकनीकी हो गई है। FIAT Bogie, Disc Brake, Centre Buffer Coupler (CBC), Modular Toilet, Stainless Steel Body तथा आधुनिक निरीक्षण मानकों के कारण इनके अनुरक्षण के लिए विशेष प्रशिक्षण एवं अद्यतन तकनीकी ज्ञान की आवश्यकता होती है।
अध्याय–5 ICF डिज़ाइन यात्री कोच (ICF Design Passenger Coach)
इस अध्याय में
5.1 ICF Design का परिचय
5.2 ICF Coach का विकास
5.3 ICF Coach की मुख्य विशेषताएँ
5.4 ICF Coach की संरचना
5.5 प्रमुख यांत्रिक अवयव
5.6 ICF Coach की अनुरक्षण व्यवस्था
5.7 प्रमुख लाभ एवं सीमाएँ
5.1 ICF Design का परिचय
भारतीय रेल के इतिहास में ICF Design Coach का विशेष स्थान है। लगभग छह दशकों तक यही डिज़ाइन भारतीय रेल के अधिकांश यात्री कोचों का आधार रहा। देश के लगभग प्रत्येक रेलवे जोन में मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर तथा अनेक विशेष ट्रेनों का संचालन ICF डिज़ाइन कोचों के माध्यम से किया जाता रहा। यद्यपि वर्तमान समय में इनका स्थान धीरे-धीरे LHB डिज़ाइन कोच ले रहे हैं, फिर भी बड़ी संख्या में ICF कोच आज भी सेवा में हैं। इसलिए C&W विभाग के प्रत्येक कर्मचारी के लिए इनकी संरचना एवं अनुरक्षण प्रणाली का ज्ञान आवश्यक है।
ICF का पूर्ण रूप Integral Coach Factory है। यह चेन्नई (तमिलनाडु) स्थित भारतीय रेल की प्रमुख कोच निर्माण इकाई है। इसी कारखाने में विकसित डिज़ाइन के कारण इन कोचों को सामान्यतः ICF Design Coach कहा जाता है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि सभी ICF डिज़ाइन कोच आवश्यक नहीं कि केवल ICF, चेन्नई में ही निर्मित हुए हों। बाद में अन्य उत्पादन इकाइयों, जैसे Rail Coach Factory (RCF), कपूरथला तथा Modern Coach Factory (MCF), रायबरेली ने भी इसी मूल डिज़ाइन पर आधारित अनेक कोचों का निर्माण किया। इसलिए ICF यहाँ मुख्यतः एक Design Philosophy को दर्शाता है, केवल निर्माण स्थल को नहीं।